1मेंह मदद बर परमेसर ला पुकारेंव;
2जब मेंह तकलीफ म रहेंव, त मेंह परभू ला खोजेंव;
3हे परमेसर, मेंह तोला सुरता करेंव अऊ कलहरेंव;
4तेंह मोर आंखी ला बंद होवन नइं दे;
5मेंह तइहा जमाना के बारे म सोचेंव,
6मेंह रथिया अपन गीतमन ला सुरता करेंव।
7“का परभू ह हमेसा बर तियाग दीही?
8का ओकर अटूट मया ह हमेसा बर खतम हो गीस?
9का परमेसर ह दयालु होय के बात ला भुला गे हवय?
10तब मेंह सोचेंव, “मेंह ये अपील करहूं:
11मेंह यहोवा के काम ला सुरता करहूं;
12मेंह तोर जम्मो काम ऊपर बिचार करहूं
13हे परमेसर, तोर रसता ह पबितर ए।
14तेंह ओ परमेसर अस, जऊन ह चमतकार करथे;
15अपन सक्तिसाली हांथ ले तेंह अपन मनखे,
16हे परमेसर, समुंदर ह तोला देखिस,
17बादर ले बारिस होय लगिस,
18तोर गरजन ह बवंडर म सुनई दीस,
19तोर रसता ह समुंदर म ले होके गीस,