1जऊन ह सर्वोच्च परमेसर के सरन म रहिही,
2मेंह यहोवा के बारे म कहिहूं, “ओह मोर सरन-स्थान अऊ मोर गढ़ अय।
3खचित ओह तोला
4ओह अपन पांखी के खाल्हे म तोला ढांप लीही,
5रथिया के आतंक ले तोला डर नइं होही,
6न ही ओ महामारी ले, जऊन ह छिपके पीछा करथे,
7तोर बाजू म एक हजार,
8तेंह अपन आंखी ले सिरिप देखत रहिबे
9कहूं तेंह कहिथस, “यहोवा ह मोर सरन-स्थान ए,”
10त तोला कोनो हानि नइं होही,
11काबरकि ओह तोर बारे म अपन स्वरगदूतमन ला हुकूम दीही
12ओमन तोला अपन हांथ म उठा लीहीं,
13तेंह सिंह अऊ नाग सांप ला गोड़ ले कुचरबे;
14यहोवा ह कहिथे, “काबरकि ओह+ 91:14 संभवतः राजा* मोर ले मया करथे, मेंह ओला छोंड़ाहूं;
15ओह मोला पुकारही, अऊ मेंह ओला जबाब दूहूं;