1यहोवा ह राज करथे, ओह वैभव के कपड़ा पहिरे हवय;
2तोर सिंघासन ला अनादिकाल ले स्थापित करे गीस;
3हे यहोवा, समुंदर के पानी उठे हवय,
4पानी के बड़े लहरामन के गरजन ले घलो सक्तिसाली,
1यहोवा ह राज करथे, ओह वैभव के कपड़ा पहिरे हवय;
2तोर सिंघासन ला अनादिकाल ले स्थापित करे गीस;
3हे यहोवा, समुंदर के पानी उठे हवय,
4पानी के बड़े लहरामन के गरजन ले घलो सक्तिसाली,