भजन-संहिता 94:1-22 CGOCV2024 - Bible AI

1यहोवा ह बदला लेवइया परमेसर ए।

2हे धरती के नियाय करइया, उठ;

3हे यहोवा, दुस्टमन कब तक,

4ओमन हमेसा घमंड के बात करत रहिथें;

5हे यहोवा, ओमन तोर मनखेमन ला कुचरथें;

6ओमन बिधवा अऊ परदेसी ला मार डारथें;

7ओमन कहिथें, “यहोवा ह नइं देखय;

8हे मनखेमन के बीच निरबुद्धि मनखेमन, तुमन धियान देवव;

9जऊन ह कान ला बनाईस, का ओह खुद नइं सुनय?

10जऊन ह जाति-जाति के मनखेमन के ताड़ना करथे, का ओह दंड नइं देवय?

11यहोवा ह मनखेमन के जम्मो योजना ला जानथे;

12हे यहोवा, धइन अय ओ, जेकर तेंह ताड़ना करथस,

13समस्या के समय म तेंह ओमन ला तब तक मदद करत रहिथस,

14काबरकि यहोवा ह अपन मनखेमन ला नइं तियागही;

15नियाय फेर धरमीपन के आधार म करे जाही,

16दुस्टमन के बिरोध म, मोर बर कोन ठाढ़ होही?

17यदि यहोवा ह मोर मदद नइं करे होतिस,

18जब मेंह कहेंव, “मोर गोड़ ह फिसलत हे,”

19जब भीतरे-भीतर मेंह बहुंत बियाकुल रहेंव,

20का कोनो दुस्ट सासक ह तोर संग संधि कर सकथे—

21दुस्टमन धरमी जन के बिरूध एक संग जूरथें

22पर यहोवा ह मोर गढ़ बन गे हवय,

cle>