1आवव, हमन यहोवा बर आनंद के गीत गावन;
2हमन ओकर आघू म धनबाद के संग आवन
3काबरकि यहोवा ह महान परमेसर ए,
4ओकर हांथ म धरती के गहरई हवय,
5समुंदर ह ओकर अय, काबरकि ओह येला बनाय हवय,
6आवव, हमन मुड़ नवाके अराधना करन,
7काबरकि ओह हमर परमेसर ए
8“त अपन हिरदय ला कठोर झन करव, जइसे तुम्हर पुरखामन मरीबा+ 95:8 मरीबा के मतलब होथे झगड़ा* म करे रिहिन,
9जिहां ओमन मोला परखिन;
10चालीस साल तक मेंह ओ पीढ़ी के मनखेमन ले नराज रहेंव;