भजन-संहिता 96:1-12 CGOCV2024 - Bible AI

1यहोवा बर एक नवां गीत गावव;

2यहोवा बर गावव, ओकर नांव के परसंसा करव;

3जाति-जाति के मनखेमन के बीच म ओकर महिमा के,

4काबरकि यहोवा ह महान अऊ अति परसंसा के योग्य अय;

5काबरकि जाति-जाति के जम्मो देवतामन सिरिप मूरती अंय,

6सोभा अऊ वैभव ओकर आघू म हवय;

7हे जाति-जाति के जम्मो परिवारमन, यहोवा के बखान करव,

8यहोवा के नांव के मुताबिक ओकर बखान करव;

9पबितरता ले सोभायमान होके यहोवा के अराधना करव;

10जाति-जाति के मनखेमन के बीच म कहव, “यहोवा ह सासन करथे।”

11अकास ह आनंद मनावय, धरती ह खुस होवय;

12भुइयां अऊ ओमा के हर एक चीज बहुंत आनंदित होवंय;

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