1आखिरी के दिनमन म,
2बहुंत जाति के मनखेमन आके कहिहीं,
3ओह बहुंते मनखेमन के नियाय करही
4हर एक जन अपन ही अंगूर के नार
5जम्मो जातिमन अपन-अपन
6यहोवा ह घोसना करत हे,
7मेंह लंगड़ामन ला अपन बांचे भाग,
8जहां तक तुम्हर बात ए, हे झुंड के पहरेदारी करे के मचान,
9तेंह अब ऊंचहा अवाज म काबर चिचियावत हवस—
10हे बेटी सियोन लइका जनमइया माईलोगन सहीं
11पर अब तोर बिरूध म
12पर ओमन यहोवा के