1हे यहोवा, जब भी मेंह अपन मामला तोर आघू म लानथंव;
2तेंह ओमन ला रोपे हस, ओमन जरी धरे हवंय;
3तभो ले, हे यहोवा, तेंह मोला जानत हस;
4कब तक देस म सूखा पड़े रहिही
5“यदि तेंह मनखेमन के संग दऊड़े हस
6तोर रिस्तेदार, तोर खुद के परिवार के मनखेमन घलो
7“मेंह अपन घर ला तियाग दूहूं,
8मोर उत्तराधिकार ह मोर बर
9का मोर उत्तराधिकार ह मोर बर
10बहुंत चरवाहामन मोर अंगूर के बारी ला नास कर दीहीं
11ओला मोर आघू म
12सुन्ना जगह के जम्मो बेकार टीलामन ऊपर
13ओमन गहूं तो बोहीं पर कांटामन ला लूहीं;
14यहोवा ह ये कहत हे: “जहां तक मोर ओ जम्मो दुस्ट परोसीमन के बात ए, जऊन मन मोर इसरायली मनखेमन ला दिये उत्तराधिकार ऊपर कब्जा करत हें, ओमन ला मेंह ओमन के देस ले उखान दूहूं अऊ मेंह यहूदा के मनखेमन ला घलो ओमन के बीच म ले उखान दूहूं।
15पर ओमन ला उखाने के बाद, मेंह ओमन ऊपर दया करहूं अऊ ओमा ले हर एक झन ला ओमन के उत्तराधिकार के जगह अऊ ओमन के देस म फेर वापिस लानहूं।
16अऊ यदि ओमन मोर मनखेमन के चाल ला बने करके सीखंय अऊ ये कहिके मोर ही नांव के किरिया खावंय, ‘यहोवा के जिनगी के कसम’—जइसे कि एक बार, ओमन मोर मनखेमन ला बाल देवता के किरिया खाय बर सिखोय रिहिन—तब ओमन ला मोर मनखेमन के बीच म बसाय जाही।