यरमियाह 14:1-21 CGOCV2024 - Bible AI

1सूखा पड़े के बिसय म, यहोवा के ये बचन यरमियाह करा आईस:

2“यहूदा ह बिलाप करत हे,

3बड़े मनखेमन अपन सेवकमन ला पानी बर पठोथें;

4भुइयां ह फाट गे हवय

5अऊ त अऊ हिरनी ह मैदान म

6जंगली गदहामन बंजर टीलामन म ठाढ़े हवंय

7हालाकि हमर पापमन हमर बिरूध म गवाही देवत हवंय,

8तें, जऊन ह कि इसरायल के आसा अस,

9तेंह काबर एक अचम्भो करे मनखे सहीं हो गे हस,

10यहोवा ह ये मनखेमन के बारे म ये कहत हे:

11तब यहोवा ह मोला कहिस, “ये मनखेमन के भलई बर पराथना झन कर।

12चाहे ओमन उपास घलो करंय, तभो ले मेंह ओमन के पुकार ला नइं सुनहूं; चाहे ओमन होम-बलिदान अऊ अन्न-बलिदान चघावंय, तभो ले मेंह ओमन ला गरहन नइं करहूं। पर मेंह ओमन ला तलवार, अकाल अऊ महामारी ले नास करहूं।”

13पर मेंह कहेंव, “हाय, हे परमपरधान यहोवा! अगमजानीमन ओमन ला कहत रहिथें, ‘तुम्हर ऊपर न तो तलवार चलही अऊ न ही अकाल पड़ही। वास्तव म, मेंह तुमन ला ये जगह म सदा के सांति दूहूं।’ ”

14तब यहोवा ह मोला कहिस, “ये अगमजानीमन मोर नांव म लबारी अगमबानी करत हवंय। मेंह ओमन ला नइं पठोय हंव अऊ न तो ओमन ला ठहिराय हंव अऊ न ही ओमन ले गोठियाय हंव। ओमन तुमन ले अपन खुद के मन के लबारी दरसन, सकुन, मूरती-पूजा अऊ भरम के अगमबानी करत हवंय।

15एकरसेति, जऊन अगमजानीमन मोर नांव म अगमबानी करत हवंय, ओमन के बारे म यहोवा ह ये कहत हे: मेंह ओमन ला नइं पठोय हवंव, तभो ले ओमन कहत हवंय, ‘ये देस म न तो तलवार चलही, अऊ न ही अकाल पड़ही।’ ओही अगमजानीमन ही तलवार अऊ अकाल के दुवारा नास होहीं।

16अऊ जऊन मनखेमन बर ओमन अगमबानी करत हवंय, ओमन ला अकाल अऊ तलवार के कारन बाहिर यरूसलेम के गलीमन म फटिक दिये जाही। ओमन ला, ओमन के घरवालीमन ला अऊ ओमन के बेटा-बेटीमन ला उहां माटी देय बर कोनो नइं होहीं। ओमन के बुरई के मुताबिक, मेंह ओमन ऊपर बिपत्ति लानहूं।

17“तें ओमन ले ये बात कह:

18यदि मेंह मैदानी भाग म जाथंव,

19हे यहोवा, का तेंह यहूदा ला पूरा इनकार कर दे हस?

20हे यहोवा, हमन अपन दुस्टता,

21अपन नांव के हित म, हमन ला तुछ झन जान;

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