यरमियाह 31:1-39 CGOCV2024 - Bible AI

1यहोवा ह घोसना करत हे, “ओ समय म, मेंह जम्मो इसरायली परिवारमन के परमेसर होहूं, अऊ ओमन मोर मनखे होहीं।”

2यहोवा ह ये कहत हे:

3यहोवा ह बहुंत पहिले हमर करा परगट होके कहिस:

4मेंह तुमन ला फेर बनाहूं,

5तेंह सामरिया के पहाड़ीमन म

6एक अइसने दिन आही, जब रखवारमन

7यहोवा ह ये कहत हे:

8देखव, मेंह ओमन ला उत्तर दिग के देस ले लेय आहूं

9ओमन रोवत आहीं;

10“हे जाति-जाति के मनखेमन, यहोवा के बचन ला सुनव;

11काबरकि यहोवा ह याकूब ला छुड़ा लीही

12ओमन आहीं अऊ सियोन के ऊंचहा जगहमन म आनंद के मारे चिचियाहीं;

13तब जवान माईलोगनमन नाचहीं अऊ खुसी मनाहीं,

14मेंह पुरोहितमन ला बहुंतायत से देके ओमन ला संतोस कर दूहूं,

15यहोवा ह ये कहत हे:

16यहोवा ह ये कहत हे:

17एकरसेति तोर संतानमन बर आसा हवय,”

18“मेंह सही म एपरैम ला ये बिलाप करत सुने हवंव:

19भटक जाय के बाद,

20का एपरैम ह मोर मयारू बेटा नो हय,

21“हे कुंवारी इसरायल, सड़क के चिनहांमन ला ठीक कर;

22हे बेईमान बेटी इसरायल,

23सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे: “जब मेंह ओमन ला बंधुवई ले वापिस लानहूं, तब यहूदा देस अऊ येकर नगरमन के मनखेमन एक बार फेर ये बात कहिहीं: ‘हे सम्पन्न सहर, हे पबितर पहाड़, यहोवा ह तोला आसीस देवय।’

24यहूदा अऊ येकर जम्मो नगरमन म मनखेमन एक संग रहिहीं—किसानमन अऊ ओ मनखे, जऊन मन अपन पसु के झुंड के संग एक जगह ले आने जगह जावत रहिथें।

25मेंह थके मनखेमन ला ताजा अऊ दुरबल मनखेमन ला संतुस्ट करहूं।”

26अतका म मेंह जाग गेंव अऊ चारों कोति देखेंव। मोर नींद ह मोला बने लगिस।

27यहोवा ह घोसना करत हे, “ओ दिनमन आवत हें, जब मेंह इसरायल अऊ यहूदा के राजमन ला मनखे अऊ पसु दूनों के संतान सहित बढ़ाहूं।

28जइसने कि मेंह ओमन ला उखाने म अऊ गिराय म, अऊ फटिकके नास करे म अऊ बिपत्ति लाने म नजर रखेंव, वइसने ही मेंह ओमन ला बनाय म अऊ बढ़ाय म नजर रखहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे।

29“ओ दिनमन म मनखेमन ये नइं कहिहीं,

30येकर उल्टा, हर एक मनखे ह ओकर खुद के पाप के कारन मरही; जऊन ह खट्टा अंगूर खाही—ओकर खुद के दांत ह खट्टा होही।

31“ओ दिनमन आवत हें,” यहोवा ह घोसना करत हे,

32येह ओ करार सहीं नइं होही,

33“ओ समय के बाद, मेंह इसरायल के मनखेमन संग

34ओमन अपन परोसी ला फेर ये कभू नइं सिखोहीं,

35यहोवा ह ये कहत हे,

36“यदि ये नियममन मोर आघू ले हट जावंय,”

37यहोवा ह ये कहत हे:

38“ओ दिनमन आवत हें,” यहोवा ह घोसना करत हे, “जब ये सहर ह हनानेल के ऊंच महल ले लेके कोना के दीवार तक मोर बर फेर बनाय जाही।

39नापे के लकीर ह उहां ले आघू बढ़के सीधा गारेब के पहाड़ी तक जाही अऊ तब मुड़के गोआ तक आही।

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