1फिरौन+ 47:1 या मिसर के राजा दुवारा गाजा सहर ऊपर हमला करे के पहिली, यरमियाह अगमजानी करा पलिस्तीमन के बारे म यहोवा के ये बचन आईस:
2यहोवा ह ये कहत हे: “देख, उत्तर दिग म पानी ह कइसे बढ़त हे; ओह उछरत बोहाय लगही। ओह देस अऊ ओमा के जम्मो चीज ला डुबो दीही, नगरमन ला अऊ ओमा रहइया जम्मो झन ला डुबो दीही। मनखेमन चिचियाहीं; देस म रहइया जम्मो झन बिलाप करहीं
3सरपट भागत मजबूत घोड़ामन के खुर के अवाज सुनके, बईरी के रथमन के अवाज सुनके अऊ ओमन के चक्का के गड़गड़ाहट के अवाज सुनके। दाई-ददामन अपन लइकामन के मदद करे बर नइं मुड़हीं; ओमन के हांथमन अपंग हो जाहीं।
4काबरकि जम्मो पलिस्तीमन ला नास करे के अऊ ओ जम्मो बांचे मनखे जऊन मन सूर अऊ सीदोन सहर के मदद कर सकत रिहिन, ओमन ला हटाय के दिन आ गे हवय। काबरकि यहोवा ह कपतोर+ 47:4 याने कि, क्रेते के समुंदर तीर के बांचे पलिस्तीमन ला नास करनेचवाला हे।
5गाजा सहर के मनखेमन सोक म अपन मुड़ मुड़ाहीं; अस्कलोन के मनखेमन ला चुप करा दिये जाही। हे समतल जगह म बांचे मनखेमन, तुमन कब तक अपनआप ला चीरत रहिहू?
6“ ‘आह, हे यहोवा के तलवार, तेंह कब सांत होबे? अपन मियान म लहुंट जा; सांत हो अऊ थम जा।’
7पर येह कइसे सांत हो सकथे जब यहोवा ह येला हुकूम दे हवय, जब ओह अस्कलोन अऊ समुंदर तीर ऊपर हमला करे के हुकूम दे हवय?”