1मोआब देस के बारे म:
2अब मोआब के परसंसा नइं होही;
3होरोनैम ले दुख के कारन रोये के अवाज आही,
4मोआब के सतियानास हो जाही;
5ओमन लूहीत करा पहाड़ी ऊपर चघहीं,
6भागव! अपन परान बचाय बर भागव;
7काबरकि तुमन अपन काम अऊ धन ऊपर भरोसा रखथव,
8बिनास करइया ह हर एक नगर ऊपर चढ़ई करही,
9मोआब के ऊपर नून डाल दे,
10“सरापित होवय ओह, जऊन ह यहोवा के काम ला अलाली म करथे!
11“जइसने अंगूर के मंद ह एक बरतन ले दूसर बरतन म ढारे नइं जाय ले
12पर समय आवत हे,” यहोवा ह घोसना करत हे,
13तब मोआब के मनखेमन अपन कमोस देवता ले लज्जित होहीं,
14“तुमन कइसे कह सकत हव, ‘हमन योद्धा,
15मोआब ह नास करे जाही अऊ ओकर नगरमन ऊपर चढ़ई करे जाही;
16“मोआब के गिरई ह लकठा म हवय;
17ओकर आसपास के जम्मो रहइया,
18“हे दीबोन बेटी के रहइयामन,
19हे अरोएर नगर के रहइयामन,
20मोआब ह कलंकित होईस, काबरकि ओह कुटा-कुटा हो गीस।
21पठारी भुइयां ऊपर नियाय आ गे हवय—
22दीबोन, नबो अऊ बेत-दिबलातैम ऊपर,
23किरयातैम, बेत-गामूल अऊ बेत-मोन ऊपर,
24करियोत, बोसरा ऊपर—
25मोआब के सींग+ 48:25 सींग इहां ताकत के प्रतीक अय* ह कटके अलग हो गीस;
26“ओला मतवार कर दव,
27का इसरायल ह तुम्हर हंसी उड़ाय के चीज नइं रिहिस?
28हे मोआब के रहइयामन,
29“हमन मोआब के घमंड के बारे म सुने हन—
30मेंह ओकर तिरस्कार ला जानत हंव, पर येह बेकार ए,” यहोवा ह घोसना करत हे,
31ये खातिर मेंह मोआब बर बिलाप करथंव,
32हे सिबमा सहर के अंगूर के नारमन,
33मोआब के फर के बारी अऊ खेतमन ले
34“ओमन के रोये के अवाज ह
35जऊन मन ऊंच जगहमन म बलिदान चघाथें
36“एकरसेति मोआब बर मोर मन ह बांसुरी के अवाज सहीं सोक करत हे;
37हर एक मुड़ ह मुड़ाय हवय
38मोआब के जम्मो घर के छानीमन म
39“ओह कइसे चकनाचूर हो गीस! ओमन कइसे बिलाप करत हें!
40यहोवा ह ये कहत हे:
41करियोत सहर ऊपर कब्जा कर लिये जाही
42मोआब ह एक देस के रूप म नास हो जाही
43हे मोआब के मनखेमन,
44“जऊन कोनो डराके भागही
45“हेसबोन सहर के सरन म आके
46हे मोआब, तोर ऊपर हाय!