यरमियाह 48:1-46 CGOCV2024 - Bible AI

1मोआब देस के बारे म:

2अब मोआब के परसंसा नइं होही;

3होरोनैम ले दुख के कारन रोये के अवाज आही,

4मोआब के सतियानास हो जाही;

5ओमन लूहीत करा पहाड़ी ऊपर चघहीं,

6भागव! अपन परान बचाय बर भागव;

7काबरकि तुमन अपन काम अऊ धन ऊपर भरोसा रखथव,

8बिनास करइया ह हर एक नगर ऊपर चढ़ई करही,

9मोआब के ऊपर नून डाल दे,

10“सरापित होवय ओह, जऊन ह यहोवा के काम ला अलाली म करथे!

11“जइसने अंगूर के मंद ह एक बरतन ले दूसर बरतन म ढारे नइं जाय ले

12पर समय आवत हे,” यहोवा ह घोसना करत हे,

13तब मोआब के मनखेमन अपन कमोस देवता ले लज्जित होहीं,

14“तुमन कइसे कह सकत हव, ‘हमन योद्धा,

15मोआब ह नास करे जाही अऊ ओकर नगरमन ऊपर चढ़ई करे जाही;

16“मोआब के गिरई ह लकठा म हवय;

17ओकर आसपास के जम्मो रहइया,

18“हे दीबोन बेटी के रहइयामन,

19हे अरोएर नगर के रहइयामन,

20मोआब ह कलंकित होईस, काबरकि ओह कुटा-कुटा हो गीस।

21पठारी भुइयां ऊपर नियाय आ गे हवय—

22दीबोन, नबो अऊ बेत-दिबलातैम ऊपर,

23किरयातैम, बेत-गामूल अऊ बेत-मोन ऊपर,

24करियोत, बोसरा ऊपर—

25मोआब के सींग+ 48:25 सींग इहां ताकत के प्रतीक अय* ह कटके अलग हो गीस;

26“ओला मतवार कर दव,

27का इसरायल ह तुम्हर हंसी उड़ाय के चीज नइं रिहिस?

28हे मोआब के रहइयामन,

29“हमन मोआब के घमंड के बारे म सुने हन—

30मेंह ओकर तिरस्कार ला जानत हंव, पर येह बेकार ए,” यहोवा ह घोसना करत हे,

31ये खातिर मेंह मोआब बर बिलाप करथंव,

32हे सिबमा सहर के अंगूर के नारमन,

33मोआब के फर के बारी अऊ खेतमन ले

34“ओमन के रोये के अवाज ह

35जऊन मन ऊंच जगहमन म बलिदान चघाथें

36“एकरसेति मोआब बर मोर मन ह बांसुरी के अवाज सहीं सोक करत हे;

37हर एक मुड़ ह मुड़ाय हवय

38मोआब के जम्मो घर के छानीमन म

39“ओह कइसे चकनाचूर हो गीस! ओमन कइसे बिलाप करत हें!

40यहोवा ह ये कहत हे:

41करियोत सहर ऊपर कब्जा कर लिये जाही

42मोआब ह एक देस के रूप म नास हो जाही

43हे मोआब के मनखेमन,

44“जऊन कोनो डराके भागही

45“हेसबोन सहर के सरन म आके

46हे मोआब, तोर ऊपर हाय!

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