1बेबिलोन सहर अऊ बेबिलोनीमन+ 50:1 या कसदीमन* के देस के बारे म यहोवा ह यरमियाह अगमजानी के जरिये ये बचन कहिस:
2“जाति-जाति के मनखेमन के बीच म बतावव अऊ घोसना करव,
3उत्तर दिग ले एक जाति ह ओकर ऊपर हमला करही
4“ओ दिनमन म, ओ समय म,” यहोवा ह घोसना करत हे,
5ओमन सियोन के रसता ला पुछहीं
6“मोर मनखेमन गंवाय भेड़ अंय;
7जऊन कोनो भी ओमन ला पाईस, ओह ओमन ला खा लीस;
8“बेबिलोन ले बाहिर भागव;
9काबरकि मेंह उत्तर के देस ले बड़े जातिमन के एक दल ला उभारहूं
10ये किसम ले बेबिलोनिया+ 50:10 या कसदीया* ला लूटे जाही;
11“हे मोर भाग ला लूटनेवालामन,
12तुम्हर दाई ह बहुंत लज्जित होही;
13यहोवा के गुस्सा के कारन, ओमा कोनो नइं बसहीं
14“हे जम्मो धनुसधारीमन,
15चारों कोति ले ओकर ऊपर तीर चलावव!
16बेबिलोन ले बीज बोवइया ला अलग कर दव,
17“इसरायल ह तितिर-बितिर करे गे एक झुंड ए,
18ये खातिर सर्वसक्तिमान यहोवा, इसरायल के परमेसर ह ये कहत हे:
19पर मेंह इसरायल के मनखेमन ला फेर ओमन के चराई म लहुंटाके लानहूं,
20ओ दिनमन म, ओ समय म,” यहोवा ह घोसना करत हे,
21“मरातैम देस अऊ पकोद म रहइया मनखेमन ऊपर
22ओ देस म लड़ई के अवाज,
23जम्मो धरती के हथौड़ा ह
24हे बेबिलोन, मेंह तोर बर एक फांदा लगाय हंव,
25यहोवा ह अपन हथियारमन के घर ला खोल दे हवय,
26दूरिहा ले ओकर बिरूध म आवव।
27ओकर जम्मो जवान बईलामन ला मार डारव;
28सियोन म घोसना होवत हे;
29“धनुसधारीमन ला बेबिलोन के बिरूध म लड़े बर बलावव,
30ये खातिर ओकर जवानमन गलीमन म गिरहीं;
31“हे ढीठ देख, मेंह तोर बिरूध हंव,”
32ढीठ ह ठोकर खाके गिरही
33सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे:
34पर ओमन के छुड़इया ह बलवान ए;
35“बेबिलोन के मनखेमन के बिरूध म तलवार चलही!”
36ओकर लबरा अगमजानीमन के बिरूध म तलवार चलही!
37ओकर घोड़ा अऊ रथमन के बिरूध म
38ओकर तरियामन म सूखा पड़ही!
39“एकरसेति मरू-भुइयां के जन्तु अऊ हुंर्रामन उहां रहिहीं,
40यहोवा ह घोसना करत हे,
41“देखव! उत्तर दिग ले एक सेना आवत हे;
42ओमन धनुस अऊ बरछी धरे हवंय;
43बेबिलोन के राजा ह ओमन के बारे म खबर सुने हवय,
44जइसने यरदन के झाड़ीमन ले कोनो सिंह ह
45एकरसेति, सुनव कि यहोवा ह बेबिलोन के बिरूध का योजना बनाय हवय,