1“हे बिनयामीन गोत्र के मनखेमन, अपन सुरकछा बर भागव!
2मेंह सियोन के, बहुंत सुघर
3चरवाहामन अपन भेड़-बकरीमन संग ओकर बिरूध आहीं;
4“ओकर बिरूध लड़ई के तियारी करव!
5एकरसेति उठव, हमन रथिया के बेरा हमला करबो
6सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे:
7जइसने कुआं म ले पानी निकलथे,
8हे यरूसलेम, चेत जा,
9सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे:
10मेंह काकर ले बात करंव अऊ चेतावंव?
11पर मेंह यहोवा के कोरोध ले भर गे हवंव,
12ओ मनखेमन के खेत-खार अऊ ओमन के घरवाली सहित
13“छोटे ले लेके बड़े तक,
14ओमन मोर मनखेमन के घावमन म अइसे पट्टी बांधथें
15का ओमन अपन घिनौना बरताव बर सरमिंदा हवंय?
16यहोवा ह ये कहत हे:
17मेंह तुम्हर बर पहरेदारमन ला बईठाके कहेंव,
18एकरसेति, हे जाति-जाति के मनखेमन, सुनव;
19हे धरती, सुन:
20सेबा के सुगंध या दूरिहा देस ले आय मीठ तेजपान ऊपर
21येकर कारन यहोवा ह ये कहत हे:
22यहोवा ह ये कहत हे:
23ओमन धनुस अऊ बरछी धरे हवंय;
24हमन ओमन के बारे म खबर सुने हन,
25बाहिर मैदान कोति झन जावव,
26हे मोर मनखेमन, बोरा के कपड़ा पहिरव,
27“मेंह तोला धातु के परखनेवाला
28ओमन जम्मो कठोर बिदरोही हो गे हवंय,
29धूकनी ह सीसा ला आगी म जलाय बर