1यिसै के ठूंठ म ले एक डंगाल फूट निकलही;
2यहोवा के आतमा ओकर ऊपर ठहिरही—
3अऊ ओह यहोवा के डर म खुस होही।
4पर धरमीपन ले ओह जरूरतमंद के नियाय करही,
5धरमीपन ह ओकर पट्टा
6भेड़िया ह मेढ़ा-पीला के संग रहिही,
7गाय अऊ भालू एके संग चरहीं,
8दूध पीयत लइका ह नाग सांप के बिल मेर खेलही,
9मोर जम्मो पबितर पहाड़ ऊपर
10ओ दिन यिसै के जरी ह मनखेमन बर एक झंडा होही; जाति-जाति के मनखेमन ओकर करा जूरहीं, अऊ ओकर अराम करे के जगह ह महिमामय होही।
11ओ दिन परभू ह दूसर बेर अपन बांचे मनखेमन ला सुधारे बर अस्सूर ले, मिसर के खाल्हे भाग ले, ऊपरी मिसर ले, कूस ले, एलाम ले, बेबिलोनिया+ 11:11 इबरानी म सिनार* ले, हमात ले, अऊ भूमध्य सागर के द्वीपमन ले हांथ बढ़ाके लानही।
12ओह जाति-जाति के मनखे बर एक ठन झंडा ठाढ़ करही
13फेर एपरैम के डाह करई ह खतम हो जाही,
14ओमन पछिम कोति ढाल म पलिस्तीमन ऊपर टूट पड़हीं;
15यहोवा ह मिसर के