1मोआब देस के बिरूध एक अगमबानी:
2दीबोन ह रोए बर ऊपर अपन मंदिर म,
3सड़कमन म ओमन बोरा के ओनहा पहिरे हवंय;
4हेसबोन अऊ एलाले सहर के मनखेमन चिचियावत हें,
5मोर हिरदय ह मोआब बर बिनती करत हे;
6निमरीम घाटी के पानी ह सूखा गीस
7एकर कारन जऊन धन-संपत्ति ओमन बनाय हवंय अऊ संकेले हवंय
8ओमन के रोए के अवाज मोआब के सीमना तक सुनई देवत हे;