1सूर सहर के बिरूध म अगमबानी:
2हे समुंदर के टापू म रहइयामन
3महासागर ले होके
4हे सीदोन, सरम कर, अऊ तें समुंदर के किला,
5जब खबर ह मिसर देस म आही,
6तुमन पार होके तरसीस म जावव;
7का येह खुसी ले भरे तुम्हर सहर अय,
8सूर के बिरूध कोन ह ये योजना बनाईस,
9सर्वसक्तिमान यहोवा ह येकर योजना बनाईस,
10हे बेटी तरसीस,
11यहोवा ह अपन हांथ ला समुंदर ऊपर बढ़ाय हवय
12यहोवा ह कहिस, “हे कुंवारी बेटी सीदोन, अब तें कुचरे गे हस!
13बेबिलोनीमन+ 23:13 या कसदीमन* के देस ला देखव,
14हे तरसीस के पानी जहाजमन, बिलाप करव;
15ओ समय सूर ला सत्तर बछर तक भुला दिये जाही, जऊन ह एक राजा के पूरा जिनगी के समय होथे। पर सत्तर बछर के बीते के बाद, येह सूर के संग होही, जइसे कि बेस्या के गीत हवय:
16“हे बिसरा दिये गय बेस्या,
17सत्तर बछर बीते के बाद, यहोवा ह सूर ऊपर धियान दीही। ओह फेर अपन छिनारी के कमई म मन लगाके धरती भर के सब राजमन के संग अपन धंधा करही।