यसायाह 24:1-22 CGOCV2024 - Bible AI

1देखव, यहोवा ह धरती ला निरजन

2जइसन मनखेमन के,

3धरती ह पूरा सुनसान पड़े होही

4धरती सूख जाथे अऊ मुरझा जाथे,

5धरती अपन मनखेमन के दुवारा असुध हो जाथे;

6येकर कारन धरती ऊपर एक सराप पड़ही;

7नवां अंगूर के मंद सूखा जाथे अऊ अंगूर के नार मुरझा जाथे;

8आनंद के डफली के अवाज ह बंद हो गीस,

9ओमन गीत गावत फेर अंगूर के मंद नइं पीयंय;

10उजरे सहर ह निरजन परे हवय;

11गलीमन म मनखेमन अंगूर के मंद बर हल्ला करत हें;

12सहर ह उजाड़ पड़े हे,

13जइसने जब जैतून रूख ला झारे जाथे,

14ओमन ऊंचहा अवाज म आनंद के मारे जय-जयकार करहीं;

15एकर कारन पूरब म यहोवा के महिमा करव;

16धरती के छोर ले हमन ला अइसन गीत के अवाज सुनई देवत हे:

17हे धरती के मनखेमन,

18जऊन ह घलो आतंक के अवाज ले भागही

19धरती ह टूट गे हवय,

20धरती ह मतवार सहीं लड़खड़ाथे,

21ओ दिन यहोवा ह

22एक काल-कोठरी म बांधे गय कैदीमन सहीं