यसायाह 33:1-23 CGOCV2024 - Bible AI

1हे नास करइया, तोर ऊपर हाय,

2हे यहोवा, हमर ऊपर अनुग्रह कर;

3तोर सेना के हुल्लड़ करे ले मनखेमन भाग जाथें;

4जइसन जवान फांफामन खेत ला चट कर डारथें;

5यहोवा ह ऊपर उठाय जाथे, काबरकि ओह ऊंच जगह+ 33:5 या स्वरग* म रहिथे;

6यहोवा ह तुम्हर समय बर जरूरी आधार,

7देख, ओमन के सूरबीरमन गलीमन म जोर-जोर से रोवत हवंय;

8राजमार्गमन सुनसान परे हवंय,

9भुइयां ह सूखत हे अऊ बेकार होवत हे,

10यहोवा ह कहिथे, “अब मेंह उठहूं,

11तुमन भूंसा ला गरभ म धरथव,

12मनखेमन जरके राख हो जाहीं;

13तुमन, जेमन बहुंत दूरिहा म हवव, सुनव कि मेंह का करे हंव;

14सियोन के पापीमन डर गे हवंय;

15ओमन, जेमन धरमीपन म चलथें

16ओहीचमन ही ऊंचहा जगह म निवास करहीं,

17तेंह अपन आंखी ले राजा ला ओकर सोभा समेत देखबे

18अपन मन म तेंह पहिले के आतंक के दिन ला सुरता करबे:

19तेंह ओ जिद्दी मनखेमन ला फेर नइं देखबे,

20सियोन कोति देख, हमर तिहारमन के सहर;

21उहां यहोवा ह हमर सक्तिसाली जन होही।

22काबरकि यहोवा ह हमर नियायी ए,

23तोर जहाज के रस्सीमन ढीला हो गे हवंय: