यसायाह 34:1-16 CGOCV2024 - Bible AI

1हे जाति-जाति के मनखेमन, लकठा म आवव अऊ सुनव;

2यहोवा सब जाति के मनखेमन ऊपर रिस करत हवय,

3ओमन के मारे गय मनखेमन ला बाहिर फेंक दिये जाही,

4अकास के जम्मो तारामन खतम हो जाहीं

5मोर तलवार ह अकास म पीके छक गे हवय;

6यहोवा के तलवार लहू ले भर गे हे,

7ओमन के संग जंगली बईलामन,

8काबरकि पलटा लेय बर यहोवा मेर एक दिन हवय,

9एदोम के सोतामन ढलान म बदल जाहीं,

10येह रात अऊ दिन नइं बुताही;

11मरू-भुइयां के उल्लू अऊ चीखनेवाला उल्लू ओमा निवास करहीं;

12ओकर परभावसाली मनखेमन करा उहां अइसे कुछू नइं होही, जेला राजा के राज कहे जा सकय,

13ओकर महलमन म कंटिला रूख,

14उहां मरू-भुइयां के जन्तुमन हुंर्रामन संग बसहीं,

15उहां घुघवा ह खोंधरा बनाही अऊ अंडा दीही,

16यहोवा के किताब म देखव अऊ पढ़व: