1मरू-भुइयां अऊ सूखा भुइयां खुस होहीं;
2केसर के सहीं फूल धरही;
3ढीला हांथमन ला मजबूत करव,
4घबरानेवाला मनखेमन ला कहव,
5अंधरामन के आंखी खोले जाही
6तब खोरवा ह हिरन सहीं कूदही
7घाम ले बरत भुइयां ह तरिया बन जाही
8अऊ उहां एक राजमार्ग होही;
9उहां कोनो सिंह नइं होही,