यसायाह 42:1-24 CGOCV2024 - Bible AI

1“येह मोर सेवक ए, जऊन ला में संभालथंव,

2न ओह चिचियाही अऊ न ऊंचहा सबद म बोलही,

3कुचरे सरकंडा ला न तो ओह टोरही,

4ओह नइं डगमगाही अऊ न ही हिम्मत हारही

5परमेसर यहोवा ह ये कहत हे—

6“में, यहोवा ह तोला धरमीपन म बलाय हंव;

7ताकि तें अंधरामन के आंखी ला खोल दे,

8“मेंह यहोवा अंव; येह मोर नांव अय!

9देखव, पहिली के चीजमन हो गे हवंय,

10हे समुंदर म चलइया, अऊ ओमा जम्मो रहइयामन,

11सुनसान जगह अऊ ओमा के नगरमन अपन अवाज ऊंच करव;

12ओमन यहोवा के महिमा परगट करंय

13यहोवा ह एक बिजेता के सहीं निकलही,

14“बहुंत समय तक मेंह चुप रहेंव,

15मेंह पहाड़ अऊ पहाड़ीमन ला उजार दूहूं

16मेंह अंधरामन ला ओ रसता म ले जाहूं जऊन ला ओमन नइं जानंय,

17पर जेमन मूरतीमन ऊपर भरोसा करथें,

18“हे भैंरामन, सुनव;

19मोर सेवक के छोंड़ कोन अंधरा अय,

20तेंह बहुंते चीजमन ला देखे हस, पर तें धियान नइं देवस;

21यहोवा ला अपन धरमीपन बर

22पर येमन एक लूटे अऊ छीने गय मनखे अंय,

23तुमन म ले कोन ह येला सुनही

24कोन ह याकूब ला लूट के चीज होय बर दे दीस,