1हे याकूब, जऊन ह तोला बनाईस,
2जब तेंह पानी म ले होके जाबे,
3काबरकि में यहोवा तोर परमेसर अंव,
4मोर नजर म तेंह अनमोल अऊ आदर के योग्य अस,
5झन डर, काबरकि में तोर संग हवंव;
6मेंह उत्तर ले कहिहूं, ‘ओमन ला देय दे!’
7हर एक जन, जऊन ह मोर नांव ले जाने जाथे,
8ओमन ला ले आवव, जेमन आंखी के रहत अंधवा अंय,
9जाति-जाति के मनखेमन एक संग जूरंय
10यहोवा ह घोसना करत हे, “तुमन मोर गवाह अव,
11में ही यहोवा अंव,
12मेंह परगट करे हंव अऊ उद्धार करेंव अऊ घोसना करेंव—
13हव, अऊ प्राचीन समय ले मेंह ओही अंव।
14तुम्हर छुड़इया, इसरायल के पबितर परमेसर,
15में, यहोवा, तुम्हर पबितर परमेसर,
16यहोवा ह ये कहत हे—
17जऊन ह रथ अऊ घोड़ामन ला,
18“पहिली के चीजमन ला सुरता झन करव;
19देखव, में एक नवां चीज करत हंव!
20जंगल के पसु,
21ये मनखे, जेमन ला मेंह अपन बर बनाय हंव
22“तभो ले, हे याकूब, तेंह मोला नइं पुकारे हस,
23तेंह होम-बलिदान करे बर मोर मेर भेड़ नइं लाने हस,
24तेंह मोर बर कोनो खुसबूवाला तेजपान नइं लाने हस,
25“में, में ही ओ अंव, जऊन ह अपन नांव बर
26मोर खातिर पहिले के चीजमन ला सुरता कर,
27तोर पहिली पुरखा ह पाप करिस;