यसायाह 44:1-27 CGOCV2024 - Bible AI

1“पर अब, हे मोर दास याकूब,

2यहोवा ह ये कहत हे—

3काबरकि में पीयासन भुइयां म पानी

4ओमन चरागन म कांदी सहीं,

5कोनो कहिही, ‘में यहोवा के अंव’;

6“सर्वसक्तिमान यहोवा, जऊन ह इसरायल के राजा अऊ छुड़इया अय,

7मोर सहीं कोन हे? ओह येला बतावय।

8झन कांपव, झन डरव।

9ओ जम्मो जेमन मूरतीमन ला बनाथें, ओमन कुछू नो हंय,

10कोन ह एक देवता ला आकार देथे अऊ मूरती ला बनाथे,

11ओ मनखे, जेमन ओ काम करथें, ओमन लज्जा म पड़हीं;

12लोहार ह एक ठन औजार ला लेथे

13बढ़ई ह अपन नाप ले नापथे

14ओह देवदार रूख ला काटथे,

15तब ओह आगी बारे के काम आथे;

16आधा लकरी ला तो ओह आगी बारथे;

17अऊ बाकि बांचे लकरी ले ओह एक देवता, अपन बर मूरती बनाथे;

18ओमन कुछू नइं जानंय, ओमन कुछू नइं समझंय;

19सोच-बिचार करे बर कोनो नइं रूकंय,

20अइसन मनखे ह राख ला खाथे; ओकर मन ह भटक गे हे अऊ ओला गलत रसता म ले जाथे;

21“हे याकूब, हे इसरायल, ये बातमन ला सुरता कर,

22मेंह तोर अपराधमन ला बादर सहीं,

23हे अकासमन, आनंद के मारे गावव, काबरकि यहोवा ह ये काम करे हवय;

24यहोवा, तोर छुड़इया,

25जऊन ह लबरा अगमजानीमन के चिनहां ला बेकार कर देथे

26जऊन ह अपन सेवक के बचन ला पूरा करथे

27जऊन ह गहिला पानी ला कहिथे, ‘सूखा जा,