यसायाह 49:1-25 CGOCV2024 - Bible AI

1हे द्वीपमन, मोर बात ला सुनव;

2ओह मोर मुहूं ला चोख तलवार सहीं बनाईस,

3ओह मोला कहिस, “तेंह मोर सेवक इसरायल अस,

4तब मेंह कहेंव, “में तो बेकार म मेहनत करें;

5अऊ अब यहोवा ह कहिथे—

6यहोवा ह कहिथे:

7जऊन ह मनखेमन म तुछ जाने जाथे, जेकर ले जाति ह घिन करथे,

8यहोवा ह ये कहत हे:

9अऊ बंधुवई म गय मनखेमन ला कहे जावय, ‘बाहिर आवव,’

10ओमन न तो भूखन होहीं, न ही पीयासन,

11मेंह अपन सब पहाड़मन ला सड़क बना दूहूं,

12देखव, ओमन दूरिहा ले आहीं—

13हे अकास, आनंद के मारे जय-जयकार कर;

14पर सियोन ह कहिस, “यहोवा ह मोला तियाग दे हवय,

15“का कोनो दाई अपन दूध पीयत लइका ला भुला सकत हे

16देख, मेंह अपन हथेली म खोदके तोर तसबीर बनाय हंव;

17तोर लइकामन जल्दी करके वापिस आवत हें,

18अपन आंखी उठाके चारों कोति देख;

19“हालाकि तेंह नास होके उजाड़ पड़े रहय

20तोर दुख के समय जनमे लइकामन

21तब तें अपन मन म कहिबे,

22परमपरधान यहोवा ह ये कहत हे:

23राजामन तोर पालक ददा

24का बीर के हांथ ले सामान लूटे जा सकथे,

25पर यहोवा ह ये कहत हे: