यसायाह 51:1-22 CGOCV2024 - Bible AI

1“तुमन, जेमन धरमीपन म चलथव

2अपन पुरखा अब्राहम

3यहोवा ह सियोन ला जरूर सांति दीही

4“हे मोर मनखेमन, मोर बात ला सुनव;

5मोर धरमीपन ह तेजी से लकठा म आथे,

6अकास कोति आंखी उठाके देखव,

7“तुमन, जेमन सही बात ला जानथव,

8काबरकि घूना ह ओमन ला ओनहा सहीं

9हे यहोवा के भुजा, जाग, जाग,

10का ये तें नइं रहय, जऊन ह समुंदर ला,

11जेमन ला यहोवा ह बचाय हवय, ओमन लहुंटके आहीं।

12“में, हव, में ही तो तोला सांति देथंव।

13तें, यहोवा अपन सिरजनहार ला भुला जाथस

14भयभीत कैदीमन जल्दी ही सुतंतर करे जाहीं;

15काबरकि मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव,

16मेंह तोर मुहूं म अपन बचन ला डाले हंव

17हे यरूसलेम, जाग, जाग!

18ओकर जनमे जम्मो लइका म

19तोर ऊपर ये दू ठन बिपत्ति आय हवंय—

20तोर लइकामन मूरछित होके

21एकर कारन हे दुखियारी मनखे, सुन,

22तोर परमपरधान यहोवा, तोर परमेसर,