1यहोवा ह कहिथे, “हे ठड़गी माईलोगन, गीत गा,
2“अपन तम्बू के जगह ला चाकर कर,
3काबरकि तेंह जेवनी कोति अऊ डेरी कोति बगरबे;
4“झन डर; तोला लज्जित होना नइं पड़य।
5काबरकि तोर रचइया ह तोर घरवाला ए—
6यहोवा ह तोला वापिस बलाही
7“पल भर बर ही मेंह तोला छोंड़ दे रहंय,
8रिस म आके पल भर बर
9“मोर नजर म येह नूह के समय के सहीं अय,
10चाहे पहाड़मन कांपंय
11“हे दुखियारी सहर, तें जऊन ह आंधी ले सताय गय अऊ जऊन ला सांति नइं मिलिस,
12में तोर दीवारमन के कलस ला मूंगा ले,
13तोर जम्मो लइकामन यहोवा के दुवारा सिखोय जाहीं,
14तोला धरमीपन म स्थिर करे जाही:
15कहूं कोनो तोर ऊपर हमला करथे, त जान ले, येह मोर काम नइं होही;
16“देख, येह में अंव, जऊन ह लोहार ला बनाईस