यसायाह 54:1-16 CGOCV2024 - Bible AI

1यहोवा ह कहिथे, “हे ठड़गी माईलोगन, गीत गा,

2“अपन तम्बू के जगह ला चाकर कर,

3काबरकि तेंह जेवनी कोति अऊ डेरी कोति बगरबे;

4“झन डर; तोला लज्जित होना नइं पड़य।

5काबरकि तोर रचइया ह तोर घरवाला ए—

6यहोवा ह तोला वापिस बलाही

7“पल भर बर ही मेंह तोला छोंड़ दे रहंय,

8रिस म आके पल भर बर

9“मोर नजर म येह नूह के समय के सहीं अय,

10चाहे पहाड़मन कांपंय

11“हे दुखियारी सहर, तें जऊन ह आंधी ले सताय गय अऊ जऊन ला सांति नइं मिलिस,

12में तोर दीवारमन के कलस ला मूंगा ले,

13तोर जम्मो लइकामन यहोवा के दुवारा सिखोय जाहीं,

14तोला धरमीपन म स्थिर करे जाही:

15कहूं कोनो तोर ऊपर हमला करथे, त जान ले, येह मोर काम नइं होही;

16“देख, येह में अंव, जऊन ह लोहार ला बनाईस