यसायाह 57:1-20 CGOCV2024 - Bible AI

1धरमी जन नास हो जाथें,

2जेमन सीधा चाल चलथें

3“पर तुमन—इहां आवव, हे जादूगरनी के लइकामन,

4तुमन काकर हंसी उड़ात हव?

5तुमन बलूत रूखमन के बीच

6घाटी के चिकना पथरामन के बीच मूरतीमन तुम्हर हिस्सा अंय;

7तुमन एक ठन ऊंचहा अऊ उठे हुए पहाड़ी ऊपर अपन बिस्तर बिछाय हवव;

8अपन कपाट अऊ अपन चौखटमन के पाछू म

9तें जैतून तेल लेके मोलेक+ 57:9 या राजा* करा गे रहे

10तें यातरा के दुवारा अपनआप ला थका लेय,

11“तेंह काकर डर ले अतेक भय खाय हस अऊ डर गे हस

12मेंह तोर धरमीपन अऊ तोर करम ला परगट कर दूहूं,

13जब तें मदद बर पुकारथस,

14अऊ ये कहे जाही:

15काबरकि ऊंच अऊ उठाय गय परमेसर ह ये कहत हे—

16में हमेसा ओमन ऊपर दोस नइं लगावंव,

17ओमन के पापी लालची सुभाव के कारन मेंह बहुंत गुस्सा करेंव;

18में ओमन के चालचलन ला देखे हंव, तभो ले ओमन ला चंगा करहूं;

19मेंह ओमन के ओंठ म परसंसा के बात लानहूं।

20पर दुस्टमन लहरावत समुंदर सहीं अंय,