1खचित, यहोवा के हांथ अइसन छोटे नइं हो गे हवय कि तुम्हर उद्धार नइं कर सकय,
2पर तुम्हर अधरम के काममन
3काबरकि तुम्हर हांथमन म खून,
4कोनो नियाय के बात नइं करंय;
5ओमन करैत सांप के अंडा ला सेथें
6ओमन के बुने जालीमन ओनहा के काम नइं आवंय;
7ओमन के गोड़मन बुरई करे बर दऊड़थें;
8सांति के डहार ला ओमन नइं जानंय;
9एकर कारन ले नियाय ह हमन ले दूरिहा हवय,
10हमन अंधरा सहीं दीवार पकड़के टमड़त रहिथन,
11हमन सब के सब भालू सहीं गुर्राथन;
12काबरकि हमर अपराध तोर नजर म बहुंत हो गे हवय,
13यहोवा के बिरूध बिदरोह अऊ धोखा,
14एकरसेति नियाय ह पाछू हट जावत हे,
15सच्चई कहूं नइं ए,
16ओह देखिस कि उहां कोनो नइं एं,
17ओह धरमीपन ला झिलम के सहीं पहिर लीस,
18ओमन के करम के मुताबिक
19तब पछिम कोति मनखेमन यहोवा के नांव के भय मानहीं,
20“छुड़इया ह सियोन मेर ओमन करा आही, जेमन याकूब म हवंय