1परमपरधान यहोवा के आतमा मोर ऊपर हवय,
2यहोवा के किरपा-दिरिस्टी के बछर के
3अऊ सियोन म दुखित मनखेमन के जरूरत ला पूरा करंव—
4तब ओमन पुराना उजरे जगहमन ला फेर बनाहीं
5अजनबीमन तुम्हर भेड़-बकरीमन ला चराहीं;
6पर तुमन ला यहोवा के पुरोहित कहे जाही,
7तुम्हर बदनामी के बदला
8“काबरकि में, यहोवा, नियाय ले मया रखथंव;
9ओमन के संतानमन जाति-जाति के मनखेमन के बीच
10में यहोवा म अति आनंदित हंव;