1सियोन के हित म, में चुप नइं रहंव,
2तब जाति-जाति के मनखेमन तोर धरमीपन,
3तें यहोवा के हांथ म एक सोभायमान मुकुट
4ओमन फेर तोला तियागे गय नइं कहिहीं,
5जइसन एक जवान पुरूस एक जवान छोकरी ले बिहाव करथे,
6हे यरूसलेम, मेंह तोर भीथी म पहरेदार ठहिराय हंव;
7अऊ जब तक ओह+ 62:7 या यहोवा* यरूसलेम ला स्थिर करके
8यहोवा ह अपन जेवनी हांथ के
9पर जेमन येकर पैदावार करथें, ओमन येला खाहीं
10जावव, दुवारमन म ले होके जावव!
11देखव, यहोवा ह धरती के छोर तक