यसायाह 63:1-18 CGOCV2024 - Bible AI

1येह कोन ए, जऊन ह एदोम देस के बोसरा नगर ले आवत हे

2तुम्हर ओनहा ह काबर लाल हवय,

3“मेंह अकेला रसकुंड म अंगूर रऊंदे हंव;

4येह मोर बर बदला लेय के दिन रिहिस;

5मेंह खोजेंव पर कोनो मदद करइया नइं रिहिन,

6हां, अपन रिस म आके देस-देस के मनखेमन ला कुचरेंव;

7मेंह यहोवा के दया के काम के बखान करहूं,

8यहोवा ह कहिस, “सही म ओमन मोर मनखे अंय,

9ओमन के सबो दुख म ओह घलो दुख उठाईस,

10तभो ले ओमन बिदरोह करिन

11तब ओकर मनखेमन पुराना दिनमन ला,

12जऊन ह अपन परतापी भुजबल ला

13जऊन ह ओमन ला गहिला समुंदर म ले होके ले गीस?

14जइसन घरेलू-पसुमन खाल्हे मैदान म चले जाथें,

15स्वरग ले, अपन ऊंच सिंघासन ले, जऊन ह पबितर

16पर तें हमर ददा अस,

17हे यहोवा, तें काबर हमन ला अपन रद्दा ले भटका देथस

18थोरकन समय तक तोर मनखेमन तोर पबितर जगह ऊपर अधिकार रखिन,