1तभो ले, ओमन बर संकट भरे अंधियार खतम हो जाही, जेमन दुख-तकलीफ म रिहिन। बीते समय म तो ओह जबूलून के देस अऊ नपताली के देस के अपमान करिस, पर भविस्य म ओह समुंदर के तरफ जाय के रसता के दुवारा, यरदन नदी के ओ पार, आनजातमन के गलील प्रदेस के आदर करही—
2जऊन मनखेमन अंधियार म चलत रिहिन
3तेंह जाति ला बढ़ाय हवस
4काबरकि तेंह ओमन के घेंच के भारी जुड़ा
5लड़ई म उपयोग होवइया हर एक सैनिक के पनही
6काबरकि हमर बर एक बालक ह जनमे हे,
7ओकर परभूता सदा बाढ़त जाही,
8परभू ह याकूब के बिरूध एक संदेस पठोय हवय;
9जम्मो मनखेमन येला जानहीं—
10“ईंटामन तो गिर गे हवंय,
11पर यहोवा ह रसीन के बईरीमन ला ओमन के बिरूध मजबूत करे हवय
12पूरब ले अरामीमन अऊ पछिम ले पलिस्तीमन
13तभो ले मनखेमन+ 9:13 या इसरायलीमन* ओकर मेर लहुंटके नइं गे हवंय, जऊन ह ओमन ला मारिस,
14एकरसेति यहोवा ह इसरायल म ले मुड़ अऊ पुंछी दूनों ला काट डारही,
15अगुवा अऊ नामी मनखेमन तो मुड़ अंय,
16जेमन ये मनखेमन के अगुवई करथें ओमन येमन ला भटका देथें,
17एकर कारन परभू ह जवानमन ले खुस नइं होही,
18खचित दुस्टता ह आगी के सहीं बरथे;
19सर्वसक्तिमान यहोवा के कोरोध ले
20जेवनी कोति ले ओमन छीन-झपटके खाहीं,