यहेजकेल 18:1-31 CGOCV2024 - Bible AI

1यहोवा के ये बचन मोर मेर आईस:

2“इसरायल देस के बारे म ये कहावत कहे के तुमन के का मतलब ए:

3“मोर जिनगी के कसम, परमपरधान यहोवा ह कहत हे, तुमन ला इसरायल म फेर ये कहावत कहे के अवसर नइं मिलही।

4काबरकि हरेक जन मोर अंय, दाई-ददा के संग लइका घलो—दूनों एके सहीं मोर अंय। एकरसेति जऊन ह पाप करथे, ओही ह मरही।

5“मानलो, एक धरमी मनखे हवय,

6ओह पहाड़ के पूजा के जगह म नइं खावय

7ओह काकरो ऊपर अतियाचार नइं करय,

8ओह बिगर बियाज के पईसा उधार देथे,

9ओह मोर बिधिमन म चलथे

10“मानलो, ओकर एक हिंसा करइया बेटा हे, जऊन ह हतिया करथे या येमा के कोनो अऊ काम करथे

11(हालाकि ओकर ददा ह येमा के कोनो भी काम नइं करे हवय):

12ओह गरीब अऊ जरूरतमंद ऊपर अतियाचार करथे।

13ओह बियाज म रूपिया देथे अऊ लाभ उठाथे।

14“पर मानलो, ये मनखे के एक बेटा हवय, जऊन ह अपन ददा के ये जम्मो पाप ला देखथे, अऊ हालाकि ओह ओ पापमन ला देखथे, पर ओह अइसने कोनो पाप नइं करय:

15“ओह पहाड़ के पूजा के जगह म नइं खावय

16ओह काकरो ऊपर अतियाचार नइं करय

17ओह गरीबमन ला सताय ले अपन हांथ रोके रहिथे

18पर ओकर ददा ह अपन खुद के पाप के कारन मरही, काबरकि ओह अवैध वसूली करिस, अपन भाई ला लूटिस अऊ ओ काम करिस, जऊन ह ओकर मनखेमन के बीच गलत अय।

19“तभो ले, तुमन पुछथव, ‘बेटा ह अपन ददा के दोस के भागीदार काबर नइं होवय?’ जब बेटा ह उचित अऊ सही काम करे हवय अऊ धियान देके मोर जम्मो बिधिमन के पालन करे हवय, त ओह जरूर जीयत रहिही।

20जऊन ह पाप करथे, ओही ह मरही। कोनो लइका ह अपन दाई-ददा के दोस के भागीदार नइं होही, अऊ न ही दाई-ददा अपन लइका के दोस के भागीदार होहीं। धरमी के धरमीपन के फर ओ धरमी ला ही मिलही, अऊ दुस्ट के दुस्टता के फर ओ दुस्ट ला ही मिलही।

21“पर यदि कोनो दुस्ट मनखे अपन जम्मो पाप ला छोंड़ देथे अऊ मोर जम्मो बिधिमन के पालन करथे अऊ ओ काम करथे जऊन ह उचित अऊ सही अय, त ओ मनखे ह जरूर जीयत रहिही; ओह नइं मरय।

22ओह जतेक पाप करे हवय, ओमन फेर सुरता नइं करे जावंय। जऊन धरमी काम ओह करे हवय, ओकर कारन ओह जीयत रहिही।

23का मेंह कोनो दुस्ट के मिरतू ले खुस होथंव? परमपरधान यहोवा ह घोसना करत हे। बल्कि, का मेंह खुस नइं होवंव, जब ओह खराप काम ला छोंड़के जीयत रहिथे?

24“पर यदि कोनो धरमी मनखे अपन धरमीपन ला छोंड़के पाप करथे अऊ ओही घिनौना काम करे लगथे, जेला एक दुस्ट मनखे करथे, त का ओह जीयत रहिही? ओकर दुवारा करे गय कोनो भी धरमी काम ला सुरता नइं करे जाही। जऊन बिसवासघात ओह करे हवय, ओकर खातिर ओह दोसी अय अऊ जऊन पाप ओह करे हवय, ओकर कारन ओह मरही।

25“तभो ले तुमन कहिथव, ‘परभू के नीति ह उचित नो हय।’ हे इसरायलीमन, तुमन सुनव: का मोर नीति ह अनुचित अय? का ये तुम्हर नीतिमन नो हंय, जेमन अनुचित अंय?

26यदि कोनो धरमी मनखे अपन धरमीपन ला छोंड़के पाप करथे, त ओह अपन दुस्ट काम के कारन मरही; अपन करे गय पाप के कारन ओह मरही।

27पर यदि कोनो दुस्ट मनखे अपन दुस्ट काममन ला छोंड़ देथे अऊ ओ काम करथे, जऊन ह उचित अऊ सही अय, त ओह अपन जिनगी ला बचाही।

28काबरकि ओह अपन करे गय जम्मो पाप ऊपर सोच-बिचार करथे अऊ ओमन ला छोंड़ देथे, ये खातिर ओ मनखे ह जरूर जीयत रहिही; ओह नइं मरय।

29तभो ले इसरायलीमन कहिथंय, ‘परभू के नीति ह उचित नो हय।’ हे इसरायल के मनखेमन, का मोर नीतिमन अनुचित अंय? का येमन तुम्हर नीति नो हंय, जेमन अनुचित अंय?

30“एकरसेति, हे इसरायलीमन, मेंह तुमन म ले हर एक मनखे के नियाय ओकर खुद के चालचलन के मुताबिक करहूं, परमपरधान यहोवा ह घोसना करत हे। पछताप करव! अपन जम्मो पाप ला छोंड़ दव; तब पाप ह तुम्हर पतन होय के कारन नइं होही।

31अपन करे गय जम्मो अपराध ले दूरिहा हो जावव अऊ एक नवां हिरदय अऊ एक नवां आतमा ले लव। हे इसरायल के मनखेमन, तुम्हर मिरतू काबर होवय?

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