यूहन्ना 20:1-30 CGOCV2024 - Bible AI

1हप्ता के पहिली दिन बड़े बिहनियां, जब अंधियार रहय, मरियम मगदलिनी कबर करा आईस अऊ देखिस कि पथरा ह कबर के मुंहाटी ले हट गे हवय।

2तब ओह दऊड़त सिमोन पतरस अऊ ओ आने चेला करा गीस, जेकर ले यीसू मया रखय, अऊ ओमन ला कहिस, “ओमन परभू ला कबर ले निकालके ले गे हवंय अऊ हमन नइं जानन कि ओमन ओला कहां रखे हवंय।”

3तब पतरस अऊ ओ आने चेला घर ले निकलिन अऊ कबर कोति गीन।

4ओ दूनों दऊड़त गीन, पर ओ आने चेला ह तेज दऊड़के पतरस ले आघू निकल गीस अऊ कबर करा पहिली हबरिस।

5निहरके ओह कबर म देखिस, त मलमल के कपड़ा ह उहां माढ़े रहय, पर ओह कबर के भीतर नइं गीस।

6तब ओकर पाछू सिमोन पतरस ह आईस अऊ कबर के भीतर गीस। ओह देखिस कि मलमल के कपड़ा ह उहां माढ़े रहय।

7ओह ये घलो देखिस कि ओ गमछा जऊन ला यीसू के मुड़ म लपेटे गे रिहिस, मलमल के कपड़ा ले अलग मोड़ाके माढ़े रहय।

8तब ओ आने चेला घलो जऊन ह कबर करा पहिली हबरे रिहिस, भीतर गीस अऊ देखके बिसवास करिस।

9ओमन अभी तक ले परमेसर के बचन ले नइं समझे रिहिन कि यीसू ह मरे म ले जरूर जी उठही।

10तब चेलामन वापिस अपन-अपन घर चल दीन।

11पर मरियम ह रोवत कबर के बाहिर ठाढ़े रिहिस। रोवत-रोवत ओह कबर के भीतर ला देखे बर झुकिस,

12अऊ ओह देखिस कि दू झन स्वरगदूत सफेद कपड़ा पहिरे उहां बईठे रहंय, जिहां यीसू के देहें रखाय रिहिस; एक झन मुड़ कोति बईठे रहय अऊ दूसर झन गोड़ कोति।

13स्वरगदूतमन ओकर ले पुछिन, “हे नारी, तेंह काबर रोवत हवस?”

14ये कहिके, ओह पाछू मुड़िस अऊ यीसू ला उहां ठाढ़े देखिस, पर ओह नइं चिन्हिस कि येह यीसू अय।

15यीसू ह ओला कहिस, “हे नारी, तेंह काबर रोवत हवस? तेंह कोन ला खोजत हवस?”

16यीसू ह ओला कहिस, “मरियम!”

17यीसू ह ओला कहिस, “मोला झन छू, काबरकि मेंह अभी तक ले ददा करा ऊपर नइं गे हवंव। पर मोर भाईमन करा जा अऊ ओमन ला बता कि मेंह ओकर करा ऊपर जावत हंव, जऊन ह मोर ददा अऊ तुम्हर ददा, मोर परमेसर अऊ तुम्हर परमेसर ए।”

18मरियम मगदलिनी चेलामन करा जाके कहिस, “मेंह परभू ला देखे हवंव, अऊ ओह मोर ले ये बात कहे हवय।”

19ओहीच दिन जऊन ह हप्ता के पहिली दिन रिहिस, संझा के बेरा, जब चेलामन एक जगह म जूरे रहंय अऊ कपाटमन भीतर ले यहूदी अगुवामन के डर के मारे बंद रहंय, तब यीसू ह आईस अऊ ओमन के बीच म ठाढ़ होके ओमन ला कहिस, “तुमन ला सांति मिलय।”

20ये कहे के बाद यीसू ह अपन हांथ अऊ अपन पंजरा ओमन ला देखाईस। तब चेलामन परभू ला देखके बहुंत खुस होईन।

21यीसू ह ओमन ला फेर कहिस, “तुमन ला सांति मिलय। जइसने ददा ह मोला पठोय हवय, वइसने मेंह तुमन ला पठोवत हवंव।”

22ये कहिके, ओह ओमन ऊपर फूंकिस अऊ कहिस, “पबितर आतमा ला गरहन करव।

23यदि तुमन काकरो पाप छेमा करहू, त ओ पाप छेमा हो जाही; यदि तुमन ओमन के पाप छेमा नइं करहू, त ओमन छेमा नइं होवंय।”

24जब यीसू ह आईस, त ओ बखत बारहों चेलामन ले एक झन थोमा ह (जऊन ला दिदुमुस घलो कहे जावय) ओमन संग नइं रिहिस।

25जब आने चेलामन ओला कहिन, “हमन परभू ला देखे हवन।”

26एक हप्ता के बाद यीसू के चेलामन फेर घर म रिहिन अऊ थोमा ह ओमन के संग म रिहिस। कपाटमन भीतर ले बंद रहंय, तब फेर यीसू ह आईस अऊ ओमन के बीच म ठाढ़ होके कहिस, “तुमन ला सांति मिलय।”

27तब ओह थोमा ला कहिस, “तोर अंगरी ला इहां रख अऊ मोर हांथमन ला देख। अपन हांथ ला लानके मोर पंजरा म रख अऊ अबिसवासी नइं, पर बिसवासी बन।”

28ये सुनके थोमा ह ओला कहिस, “हे मोर परभू, हे मोर परमेसर!”

29तब यीसू ह कहिस, “तेंह मोला देखे के बाद बिसवास करय; पर धइन अंय ओमन, जऊन मन मोला बिगर देखे बिसवास करथें।”

30यीसू ह कतको आने अचरज के चिनहां अपन चेलामन के आघू म देखाईस, जऊन मन ये किताब म नइं लिखे गे हवंय।

>