1यहोवा के ओ बचन जऊन ह पतूएल के बेटा योएल मेर आईस।
2हे अगुवामन, ये बात ला सुनव;
3अपन लइकामन ला ये बात बतावव,
4टिड्डीमन के दल ह जऊन ला छोंड़ दे रिहिन
5हे मतवारमन जागव, अऊ रोवव!
6मोर देस ऊपर एक जाति ह चढ़ई कर दे हवय,
7ओह मोर अंगूर के नारमन ला उजाड़ दे हवय
8अइसन बिलाप करव, जइसन एक कुंवारी ह बोरा के कपड़ा पहिरे
9यहोवा के घर म
10खेतमन नास हो गे हवंय,
11हे किसानमन, निरास होवव,
12अंगूर के नार ह सूखा गे हवय
13हे पुरोहितमन, बोरा के कपड़ा पहिरके बिलाप करव;
14एक पबितर उपास के घोसना करव;
15ओ दिन बर हाय!
16का हमर देखत म
17माटी के ढेलामन के खाल्हे
18पसुमन कइसे कराहत हवंय!
19हे यहोवा, मेंह तोला पुकारत हंव,