1हे बेसरम जाति के मनखेमन,
2एकर पहिली कि हुकूम ह लागू होवय
3तुमन जम्मो, जेमन देस के नम्र मनखे अव,
4गाजा सहर ला तियाग देय जाही,
5तुमन ऊपर हाय, जेमन समुंदर तीर म रहिथव,
6समुंदर तीर के भुइयां ह चरागन हो जाही,
7ओ देस ह यहूदा के घराना के
8“मेंह मोआबीमन के बेजत्ती के बात
9एकरसेति, मोर जिनगी के सपथ,”
10ओमन के घमंड करे अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा के मनखेमन के
11यहोवा के भय ओमन म पईदा होही
12“हे कूसी मनखेमन,+ 2:12 नील नदी के ऊपरी इलाका के मनखेमन* तुमन घलो
13यहोवा ह उत्तर दिग के बिरूध अपन हांथ बढ़ाही
14गरूवा-बईला अऊ भेड़-बकरीमन