1दाऊद के बेटा, यरूसलेम म राजा, गुरू+ 1:1 या सभा के अगुवा पद 2अऊ 12म घलो* के बचन:
2“बेकार! बेकार!”
3धरती ऊपर+ 1:3 इबरानी म सूरज के खाल्हे* मनखे के दुवारा
4पीढ़ी-पीढ़ी ले मनखेमन आथें अऊ ओमन चले जाथें,
5सूरज निकलथे अऊ सूरज बुड़थे,
6हवा ह दक्खिन कोति बहथे
7हालाकि जम्मो नदीमन बहके समुंदर म मिल जाथें,
8जम्मो चीजमन थका देनेवाला अंय,
9जऊन ह हो चुके हे ओहीच ह फेर होही,
10का अइसन कुछू हवय, जेकर बारे म कोनो ये कह सकय,
11पहिले के पीढ़ीमन ला कोनो सुरता नइं करय,
12में, गुरू ह यरूसलेम म इसरायल के राजा रहेंव।
13धरती म जऊन जम्मो काम करे जाथे, मेंह बुद्धि के दुवारा ओ जम्मो काममन ला जांचंय अऊ परखे बर अपन मन लगांय। येह एक भारी बोझ के काम ए, जेला परमेसर ह मानव-जाति ऊपर डार दे हवय!
14मेंह ओ काम ला देखे हवंव, जेमन ला ये धरती म करे जाथे; ये जम्मो के जम्मो बेकार अंय अऊ हवा के पाछू भगई सहीं अय।
15जऊन ह टेड़गा हे, ओला सीधा नइं करे जा सकय;
16मेंह अपनआप ले कहेंव, “देख, मोर पहिली यरूसलेम म जतेक भी राजा होईन, ओ जम्मो झन ले मेंह जादा बुद्धिमान अंव; मेंह जादा बुद्धि अऊ गियान के अनुभव करे हवंव।”
17तब मेंह अपनआप ला बुद्धि के समझ, अऊ पागलपन अऊ मुरूखता ला जाने बर लगांय, पर मेंह समझ गेंव कि येह घलो हवा के पाछू भागे सहीं अय।