1जइसे मरे माछीमन खुसबू ला बदबू म बदल देथें,
2बुद्धिमान के हिरदय ह ओला सही रसता म ले जाथे,
3जब मुरूखमन रसता म चलत रहिथें,
4यदि एक हाकिम के कोरोध ह तोर ऊपर भड़कथे,
5धरती म मेंह एक बुरई देखे हंव,
6मुरूखमन ला बहुंत ऊंच पद दिये जाथे,
7मेंह गुलाममन ला घोड़ा के सवारी करत,
8जऊन ह खंचवा कोड़थे, ओह ओमा गिर सकथे;
9जऊन ह खदान ले पथरा निकालथे, ओला पथरा से चोट लग सकथे;
10यदि टांगा म धार नइं ए
11यदि सांप ह बस म करे के पहिले कोनो ला काट लेथे,
12बुद्धिमान मनखे के बात म अनुग्रह होथे,
13सुरू म ओमन के बातमन मुरूखता के होथें;
14अऊ मुरूखमन बहुंत बात करथें।
15मुरूखमन के मेहनत ह ओमन ला थका देथे;
16ओ देस के ऊपर हाय, जेकर राजा ह एक सेवक रिहिस+ 10:16 या राजा ह एक लइका ए*
17धइन अय ओ देस, जेकर राजा ह उत्तम बंस के होथे
18आलसीपन ले छत के कड़ीमन झुक जाथें;
19जेवनार ला हंसी-खुसी बर तियार करे जाथे,