सभोपदेसक 12:1-14 CGOCV2024 - Bible AI

1अपन जवानी के दिन म

2येकर पहिले कि सूरज अऊ अंजोर

3जब घर के रखवारमन कांपे लगंय,

4जब गली तरफ के कपाटमन बंद हो जावंय

5जब मनखेमन ऊंचहा जगह

6ओला सुरता करव—येकर पहिले कि चांदी के डोर ह कठोर हो जावय,

7अऊ धुर्रा ह भुइयां म लहुंट जावय, जिहां ले येह आय रिहिस,

8“बेकार अय! बेकार अय!” गुरू+ 12:8 या सभा के अगुवा पद 9अऊ 10म घलो* ह कहिथे।

9गुरू ह सिरिप बुद्धिमान ही नइं रिहिस, पर ओह मनखेमन ला गियान घलो दीस। ओह बिचार करिस अऊ खोजबीन करिस अऊ बहुंते नीतिबचनमन ला सही ढंग ले रखिस।

10गुरू ह सिरिप सही सबद पाय बर खोजबीन करिस, अऊ जऊन बात ओह लिखिस, ओ बातमन सही अऊ सच अंय।

11बुद्धिमान के बातमन लउठी के धार सहीं होथें, ओमन के सांत मन के कहावतमन बने ढंग ले ठोंके गय खीलामन सहीं होथें—मानो येला एकेच चरवाहा के दुवारा दिये गे हवय

12हे मोर बेटा, येकर अलावा अऊ आने बातमन के बारे म सावधान रहिबे।

13अब जम्मो बात सुने जा चुके हवय;

14काबरकि परमेसर ह हर काम के नियाय करही,

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