सभोपदेसक 6:1-11 CGOCV2024 - Bible AI

1मेंह एक आने खराप बात धरती म देखे हंव, अऊ येह मानव-जाति ऊपर बहुंत परभाव डालथे:

2परमेसर ह कुछू मनखे ला धन-संपत्ति, अधिकार अऊ आदर देथे, जेकर कारन ओकर करा ओकर मनचाहे चीजमन रहिथें, पर परमेसर ह ओमन ला ओ चीजमन के आनंद उठाय के योग्यता नइं देवय, अऊ अजनबीमन ओ चीजमन के आनंद उठाथें। येह बेकार ए, एक बहुंत खराप बात ए।

3एक मनखे के एक सौ लइका हो सकथें अऊ ओह बहुंत साल तक जी सकथे; चाहे ओह कतको साल जी ले, कहूं ओह अपन धन-संपत्ति के आनंद नइं उठा सकय अऊ मरे के बाद ओला सही ढंग ले माटी नइं मिलय, त मेंह कहिथंव कि एक मरे हुए जनमे लइका ह ओ मनखे ले बेहतर ए,

4ओह बेकार म आथे, ओह अंधियार म चले जाथे, अऊ अंधियार म ओकर नांव छिप जाथे।

5हालाकि ओह सूरज ला कभू नइं देखिस या कुछू भी चीज ला नइं जानिस, तभो ले ओला ओ मनखे ले जादा अराम मिलिस—

6अऊ त अऊ यदि ओ मनखे ह दू बार ले एक-एक हजार साल जीयय, पर अपन धन-संपत्ति के मजा नइं लेवय। का जम्मो झन एक ही जगह म नइं जावंय?

7मनखे के जम्मो मेहनत ओकर जेवन बर होथे,

8बुद्धिमान ह कोन बात म मुरूख ले बढ़के अय?

9जऊन चीज ला आंखी ह देखथे,

10जऊन ह पहिले से हवय, ओकर नांव रखे जा चुके हवय,

11जहां जादा बात होथे

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