हबक्कूक 2:1-19 CGOCV2024 - Bible AI

1मेंह अपन पहरा म ठाढ़े रहिहूं

2तब यहोवा ह मोला जबाब दीस:

3काबरकि ये दरसन के बात ह एक ठहिराय समय म पूरा होही;

4“देख, बईरी के मन ह फुल गे हवय;

5वास्तव म, अंगूर के मंद ह ओला धोखा देथे;

6“का ओ जम्मो झन ये कहिके ओकर हंसी नइं उड़ाहीं अऊ बेजत्ती करके ताना नइं मारहीं,

7का तुमन ला करजा देवइयामन अचानक तुम्हर मेर नइं आ जाहीं?

8काबरकि तुमन बहुंते जाति के मनखेमन ला लूटे हव,

9“ओकर ऊपर हाय, जऊन ह अनियाय के कमई ले अपन घर ला बनाथे,

10अपन ही घर ला लज्जित करके अऊ अपन ही परान ला जोखिम म डालके

11दीवार के पथरामन चिचियाहीं,

12“ओकर ऊपर हाय, जऊन ह लहू बोहाके एक सहर ला बनाथे

13का सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये बात ला नइं ठान ले हवय

14काबरकि धरती ह यहोवा के महिमा के गियान ले अइसन भर जाही

15“ओकर ऊपर हाय, जऊन ह अपन परोसीमन ला मंद पीयाथे,

16तेंह महिमा के बदले लाज ले भर जाबे।

17तेंह जऊन हिंसा के काम लबानोन म करे हस, ओमन तोला बियाकुल करहीं,

18“एक कारीगर के दुवारा बनाय गे मूरती के का महत्व?

19ओकर ऊपर हाय, जऊन ह कठवा ले कहिथे, ‘जी उठ!’