1जब एपरैम ह गोठियावय, त मनखेमन कांपंय;
2अब ओमन अऊ जादा पाप करत हें;
3ये खातिर ओमन बिहनियां के कुहरा,
4“पर मेंह तब ले यहोवा तोर परमेसर अंव,
5मेंह उजाड़ निरजन जगह म,
6जब मेंह ओमन ला जेवन करांय, त ओमन खाके अघा गीन;
7एकरसेति मेंह ओमन बर एक सिंह असन होहूं;
8मेंह ओ माई भालू सहीं बनहूं, जेकर लइकामन ला छीन लिये गे हवय,
9“हे इसरायल, तोर बिनास होईस,
10तोर राजा कहां हवय, कि ओह तोला बचावय?
11एकरसेति कोरोध म आके मेंह तोला एक राजा देंव,
12एपरैम के अपराध बहुंत हो गे हवय,
13ओला एक माईलोगन के लइका जनमाय सहीं पीरा होही,
14“मेंह ये मनखेमन ला कबर के सक्ति ले छुटकारा दूहूं;
15चाहे एपरैम ह अपन भाईमन के बीच म उन्नति करे।