ख़ुरूज 8:1-32 DGV - Bible AI

मेंढक

1फिर रब ने मूसा से कहा, “फ़िरऔन के पास जा कर उसे बता देना कि रब फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को मेरी इबादत करने के लिए जाने दे,

2वर्ना मैं पूरे मिस्र को मेंढकों से सज़ा दूँगा।

3दरया-ए-नील मेंढकों से इतना भर जाएगा कि वह दरया से निकल कर तेरे महल, तेरे सोने के कमरे और तेरे बिस्तर में जा घुसेंगे। वह तेरे उह्देदारों और तेरी रिआया के घरों में आएँगे बल्कि तेरे तनूरों और आटा गूँधने के बर्तनों में भी फुदकते फिरेंगे।

4मेंढक तुझ पर, तेरी क़ौम पर और तेरे उह्देदारों पर चढ़ जाएंगे’।”

5रब ने मूसा से कहा, “हारून को बता देना कि वह अपनी लाठी को हाथ में ले कर उसे दरयाओं, नहरों और जोहड़ों के ऊपर उठाए ताकि मेंढक बाहर निकल कर मिस्र के मुल्क में फैल जाएँ।”

6हारून ने मुल्क-ए-मिस्र के पानी के ऊपर अपनी लाठी उठाई तो मेंढकों के ग़ोल पानी से निकल कर पूरे मुल्क पर छा गए।

7लेकिन जादूगरों ने भी अपने जादू से ऐसा ही किया। वह भी दरया से मेंढक निकाल लाए।

8फ़िरऔन ने मूसा और हारून को बुला कर कहा, “रब से दुआ करो कि वह मुझ से और मेरी क़ौम से मेंढकों को दूर करे। फिर मैं तुम्हारी क़ौम को जाने दूँगा ताकि वह रब को क़ुर्बानियाँ पेश करें।”

9मूसा ने जवाब दिया, “वह वक़्त मुक़र्रर करें जब मैं आप के उह्देदारों और आप की क़ौम के लिए दुआ करूँ। फिर जो मेंढक आप के पास और आप के घरों में हैं उसी वक़्त ख़त्म हो जाएंगे। मेंढक सिर्फ़ दरया में पाए जाएंगे।”

10फ़िरऔन ने कहा, “ठीक है, कल उन्हें ख़त्म करो।” मूसा ने कहा, “जैसा आप कहते हैं वैसा ही होगा। इस तरह आप को मालूम होगा कि हमारे ख़ुदा की मानिन्द कोई नहीं है।

11मेंढक आप, आप के घरों, आप के उह्देदारों और आप की क़ौम को छोड़ कर सिर्फ़ दरया में रह जाएंगे।”

12मूसा और हारून फ़िरऔन के पास से चले गए, और मूसा ने रब से मिन्नत की कि वह मेंढकों के वह ग़ोल दूर करे जो उस ने फ़िरऔन के ख़िलाफ़ भेजे थे।

13रब ने उस की दुआ सुनी। घरों, सहनों और खेतों में मेंढक मर गए।

14लोगों ने उन्हें जमा करके उन के ढेर लगा दिए। उन की बदबू पूरे मुल्क में फैल गई।

15लेकिन जब फ़िरऔन ने देखा कि मसला हल हो गया है तो वह फिर अकड़ गया और उन की न सुनी। यूँ रब की बात दुरुस्त निकली।

जूएँ

16फिर रब ने मूसा से कहा, “हारून से कहना कि वह अपनी लाठी से ज़मीन की गर्द को मारे। जब वह ऐसा करेगा तो पूरे मिस्र की गर्द जूओं में बदल जाएगी।”

17उन्हों ने ऐसा ही किया। हारून ने अपनी लाठी से ज़मीन की गर्द को मारा तो पूरे मुल्क की गर्द जूओं में बदल गई। उन के ग़ोल जानवरों और आदमियों पर छा गए।

18जादूगरों ने भी अपने जादू से ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन वह गर्द से जूएँ न बना सके। जूएँ आदमियों और जानवरों पर छा गईं।

19जादूगरों ने फ़िरऔन से कहा, “अल्लाह की क़ुदरत ने यह किया है।” लेकिन फ़िरऔन ने उन की न सुनी। यूँ रब की बात दुरुस्त निकली।

काटने वाली मक्खियाँ

20फिर रब ने मूसा से कहा, “जब फ़िरऔन सुब्ह-सवेरे दरया पर जाए तो तू उस के रास्ते में खड़ा हो जाना। उसे कहना कि रब फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को जाने दे ताकि वह मेरी इबादत कर सकें।

21वर्ना मैं तेरे और तेरे उह्देदारों के पास, तेरी क़ौम के पास और तेरे घरों में काटने वाली मक्खियाँ भेज दूँगा। मिस्रियों के घर मक्खियों से भर जाएंगे बल्कि जिस ज़मीन पर वह खड़े हैं वह भी मक्खियों से ढाँकी जाएगी।

22लेकिन उस वक़्त मैं अपनी क़ौम के साथ जो जुशन में रहती है फ़र्क़ सुलूक करूँगा। वहाँ एक भी काटने वाली मक्खी नहीं होगी। इस तरह तुझे पता लगेगा कि इस मुल्क में मैं ही रब हूँ।

23मैं अपनी क़ौम और तेरी क़ौम में इम्तियाज़ करूँगा। कल ही मेरी क़ुदरत का इज़हार होगा’।”

24रब ने ऐसा ही किया। काटने वाली मक्खियों के ग़ोल फ़िरऔन के महल, उस के उह्देदारों के घरों और पूरे मिस्र में फैल गए। मुल्क का सत्यानास हो गया।

25फिर फ़िरऔन ने मूसा और हारून को बुला कर कहा, “चलो, इसी मुल्क में अपने ख़ुदा को क़ुर्बानियाँ पेश करो।”

26लेकिन मूसा ने कहा, “यह मुनासिब नहीं है। जो क़ुर्बानियाँ हम रब अपने ख़ुदा को पेश करेंगे वह मिस्रियों की नज़र में घिनौनी हैं। अगर हम यहाँ ऐसा करें तो क्या वह हमें संगसार नहीं करेंगे?

27इस लिए लाज़िम है कि हम तीन दिन का सफ़र करके रेगिस्तान में ही रब अपने ख़ुदा को क़ुर्बानियाँ पेश करें जिस तरह उस ने हमें हुक्म भी दिया है।”

28फ़िरऔन ने जवाब दिया, “ठीक है, मैं तुम्हें जाने दूँगा ताकि तुम रेगिस्तान में रब अपने ख़ुदा को क़ुर्बानियाँ पेश करो। लेकिन तुम्हें ज़्यादा दूर नहीं जाना है। और मेरे लिए भी दुआ करना।”

29मूसा ने कहा, “ठीक, मैं जाते ही रब से दुआ करूँगा। कल ही मक्खियाँ फ़िरऔन, उस के उह्देदारों और उस की क़ौम से दूर हो जाएँगी। लेकिन हमें दुबारा फ़रेब न देना बल्कि हमें जाने देना ताकि हम रब को क़ुर्बानियाँ पेश कर सकें।”

30फिर मूसा फ़िरऔन के पास से चला गया और रब से दुआ की।

31रब ने मूसा की दुआ सुनी। काटने वाली मक्खियाँ फ़िरऔन, उस के उह्देदारों और उस की क़ौम से दूर हो गईं। एक भी मक्खी न रही।

32लेकिन फ़िरऔन फिर अकड़ गया। उस ने इस्राईलियों को जाने न दिया।