ज़बूर 11:1-7 DGV - Bible AI

रब पर भरोसा

1दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। मैं ने रब में पनाह ली है। तो फिर तुम किस तरह मुझ से कहते हो, “चल, परिन्दे की तरह फड़फड़ा कर पहाड़ों में भाग जा”?

2क्यूँकि देखो, बेदीन कमान तान कर तीर को ताँत पर लगा चुके हैं। अब वह अंधेरे में बैठ कर इस इन्तिज़ार में हैं कि दिल से सीधी राह पर चलने वालों पर चलाएँ।

3रास्तबाज़ क्या करे? उन्हों ने तो बुन्याद को ही तबाह कर दिया है।

4लेकिन रब अपनी मुक़द्दस सुकूनतगाह में है, रब का तख़्त आसमान पर है। वहाँ से वह देखता है, वहाँ से उस की आँखें आदमज़ादों को परखती हैं।

5रब रास्तबाज़ को परखता तो है, लेकिन बेदीन और ज़ालिम से नफ़रत ही करता है।

6बेदीनों पर वह जलते हुए कोएले और शोलाज़न गंधक बरसा देगा। झुलसने वाली आँधी उन का हिस्सा होगी।

7क्यूँकि रब रास्त है, और उसे इन्साफ़ प्यारा है। सिर्फ़ सीधी राह पर चलने वाले उस का चेहरा देखेंगे।

This work is licensed under a Creative Commons Attribution - No Derivatives 4.0 International License. info@urdugeoversion.com
/div>