ज़बूर 112:1-10 DGV - Bible AI

अल्लाह के ख़ौफ़ की तारीफ़

1रब की हम्द हो! मुबारक है वह जो अल्लाह का ख़ौफ़ मानता और उस के अह्काम से बहुत लुत्फ़अन्दोज़ होता है।

2उस के फ़र्ज़न्द मुल्क में ताक़तवर होंगे, और दियानतदार की नस्ल को बरकत मिलेगी।

3दौलत और ख़ुशहाली उस के घर में रहेगी, और उस की रास्तबाज़ी अबद तक क़ाइम रहेगी।

4अंधेरे में चलते वक़्त दियानतदारों पर रौशनी चमकती है। वह रास्तबाज़, मेहरबान और रहीम है।

5मेहरबानी करना और क़र्ज़ देना बाबरकत है। जो अपने मुआमलों को इन्साफ़ से हल करे वह अच्छा करेगा,

6क्यूँकि वह अबद तक नहीं डगमगाएगा। रास्तबाज़ हमेशा ही याद रहेगा।

7वह बुरी ख़बर मिलने से नहीं डरता। उस का दिल मज़बूत है, और वह रब पर भरोसा रखता है।

8उस का दिल मुस्तह्कम है। वह सहमा हुआ नहीं रहता, क्यूँकि वह जानता है कि एक दिन मैं अपने दुश्मनों की शिकस्त देख कर ख़ुश हूँगा।

9वह फ़य्याज़ी से ज़रूरतमन्दों में ख़ैरात बिखेर देता है। उस की रास्तबाज़ी हमेशा क़ाइम रहेगी, और उसे इज़्ज़त के साथ सरफ़राज़ किया जाएगा।

10बेदीन यह देख कर नाराज़ हो जाएगा, वह दाँत पीस पीस कर नेस्त हो जाएगा। जो कुछ बेदीन चाहते हैं वह जाता रहेगा।