ज़बूर 113:1-9 DGV - Bible AI

अल्लाह की अज़मत और मेहरबानी

1रब की हम्द हो! ऐ रब के ख़ादिमो, रब के नाम की सताइश करो, रब के नाम की तारीफ़ करो।

2रब के नाम की अब से अबद तक तम्जीद हो।

3तुलू-ए-सुब्ह से ग़ुरूब-ए-आफ़्ताब तक रब के नाम की हम्द हो।

4रब तमाम अक़्वाम से सरबुलन्द है, उस का जलाल आसमान से अज़ीम है।

5कौन रब हमारे ख़ुदा की मानिन्द है जो बुलन्दियों पर तख़्तनशीन है

6और आसमान-ओ-ज़मीन को देखने के लिए नीचे झुकता है?

7पस्तहाल को वह ख़ाक में से उठा कर पाँओ पर खड़ा करता, मुह्ताज को राख से निकाल कर सरफ़राज़ करता है।

8वह उसे शुरफ़ा के साथ, अपनी क़ौम के शुरफ़ा के साथ बिठा देता है।

9बाँझ को वह औलाद अता करता है ताकि वह घर में ख़ुशी से ज़िन्दगी गुज़ार सके। रब की हम्द हो!