तमाम अक़्वाम अल्लाह की हम्द करें
1ऐ तमाम अक़्वाम, रब की तम्जीद करो! ऐ तमाम उम्मतो, उस की मद्हसराई करो!
2क्यूँकि उस की हम पर शफ़्क़त अज़ीम है, और रब की वफ़ादारी अबदी है। रब की हम्द हो!
1ऐ तमाम अक़्वाम, रब की तम्जीद करो! ऐ तमाम उम्मतो, उस की मद्हसराई करो!
2क्यूँकि उस की हम पर शफ़्क़त अज़ीम है, और रब की वफ़ादारी अबदी है। रब की हम्द हो!