ज़बूर 128:1-6 DGV - Bible AI

जिस ख़ानदान को अल्लाह बरकत देता है

1ज़ियारत का गीत। मुबारक है वह जो रब का ख़ौफ़ मान कर उस की राहों पर चलता है।

2यक़ीनन तू अपनी मेहनत का फल खाएगा। मुबारक हो, क्यूँकि तू कामयाब होगा।

3घर में तेरी बीवी अंगूर की फलदार बेल की मानिन्द होगी, और तेरे बेटे मेज़ के इर्दगिर्द बैठ कर ज़ैतून की ताज़ा शाख़ों[१७] की मानिन्द होंगे।

4जो आदमी रब का ख़ौफ़ माने उसे ऐसी ही बरकत मिलेगी।

5रब तुझे कोह-ए-सिय्यून से बरकत दे। वह करे कि तू जीते जी यरूशलम की ख़ुशहाली देखे,

6कि तू अपने पोतों-नवासों को भी देखे। इस्राईल की सलामती हो!