फ़त्ह के लिए दुआ
1दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए।
2वह मक़्दिस से तेरी मदद भेजे, वह सिय्यून से तेरा सहारा बने।
3वह तेरी ग़ल्ला की नज़रें याद करे, तेरी भस्म होने वाली क़ुर्बानियाँ क़बूल फ़रमाए। (सिलाह)
4वह तेरे दिल की आर्ज़ू पूरी करे, तेरे तमाम मन्सूबों को कामयाबी बख़्शे।
5तब हम तेरी नजात की ख़ुशी मनाएँगे, हम अपने ख़ुदा के नाम में फ़त्ह का झंडा गाड़ेंगे। रब तेरी तमाम गुज़ारिशें पूरी करे।
6अब मैं ने जान लिया है कि रब अपने मसह किए हुए बादशाह की मदद करता है। वह अपने मुक़द्दस आसमान से उस की सुन कर अपने दहने हाथ की क़ुदरत से उसे छुटकारा देगा।
7बाज़ अपने रथों पर, बाज़ अपने घोड़ों पर फ़ख़र करते हैं, लेकिन हम रब अपने ख़ुदा के नाम पर फ़ख़र करेंगे।
8हमारे दुश्मन झुक कर गिर जाएंगे, लेकिन हम उठ कर मज़बूती से खड़े रहेंगे।
9ऐ रब, हमारी मदद फ़रमा! बादशाह हमारी सुने जब हम मदद के लिए पुकारें।